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विश्व सामाजिक न्याय दिवस और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरिद्वार, एवं मदरहुड विश्वविद्यालय रुड़की के संयुक्त तत्वावधान में स्लोगन मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मदरहुड विश्वविद्यालय रुड़की के कुलपति प्रो०(डॉ०) नरेंद्र शर्मा ने कहा कि सामाजिक न्याय और विज्ञान की भूमिका समाज में बहुत महत्वपूर्ण है। सामाजिक न्याय का उद्देश्य समाज में सभी व्यक्तियों को समान अवसर प्रदान करना है, जबकि विज्ञान हमें नए और बेहतर तरीके से समस्याओं का समाधान करने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि हमें सामाजिक न्याय और विज्ञान के बीच की दूरी को कम करने के लिए काम करना होगा।
निशुल्क विधिक सेवा एवं परामर्श केंद्र के अध्यक्ष प्रो०(डॉ०) जे०एस०पी० श्रीवास्तव ने बताया कि स्लोगन प्रतियोगिता में छात्रों ने सामाजिक न्याय और विज्ञान के महत्व पर पोस्ट बना कर अपने विचार व्यक्त किए है। और इस प्रतियोगिता में, विधि संकाय के छात्र-छात्राएं, विपाक्षी कांबोज, आस्था राय, आदित्य कुमार, एवं हर्षवर्धन के बनाएं गए पोस्ट अन्य विद्यार्थियों से बेहतर प्रदर्शित हुए इस लिए उपरोक्त विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ० विवेक कुमार, सहा० आचार्य ,सेक्रेटरी, निशुल्क विधिक सेवा एवं परामर्श केंद्र, विधि संकाय, मदरहुड विश्वविद्यालय, रुड़की ने बताया कि हमारा यह केंद्र सामाजिक न्याय के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विधि संकाय में स्थापित केन्द्र के द्वारा लोगों को निशुल्क विधिक सहायता एवं परामर्श कई वर्षों से निरंतर प्रदान किया जा रहा है और इस क्षेत्र में हमारे द्वारा विभिन्न माध्यमों से निरंतर सकारात्मक कार्य किये जा रहे हैं।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय और विज्ञान के महत्व पर भी चर्चा की गई। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने विचार व्यक्त किए । इस अवसर पर विधि संकाय के अध्यक्षता, विभागाध्यक्ष डॉ० नलनिश चंद्र सिंह,  प्रो० डॉ० हरिचरण सिंह यादव, प्रो० डॉ० नीरज मलिक, डॉ० संदीप कुमार, सहा० आचार्य डॉ० जूली गर्ग, सहा० आचार्य डॉ० विवेक सिंह, सहा० आचार्य रेनू तोमर , सहा० आचार्य व्यंजना सैनी, सहा० आचार्य आनंदित चटर्जी, सहा० आचार्य सतीश कुमार, सहा० आचार्य राहुल वर्मा, सहा० आचार्य रुद्रांश शर्मा, सहा० आचार्य मधुर स्वामी, सहा० आचार्य अमन सोनकर, सहा० आचार्य आयुषी वशिष्ठ, सहा० आचार्य स्नेहा , आदि उपस्थित रहे।